एक कोशिश <script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-7373824969734556" crossorigin="anonymous"></script> एक कोशिश फिर से कर लेता हूँ, गिरकर भी मैं संभल लेता हूँ। हर ठोकर को राह बनाकर, खुद को फिर खड़ा कर लेता हूँ। थोड़ा मुश्किल, थोड़ा आसान, जीवन का हर मोड़ है अनजान। पर हौसलों की लौ जलाकर, हर अंधेरे को ढल लेता हूँ। सपने अगर बिखर भी जाएँ, तो उन्हें फिर से बुन लूँगा। हार नहीं, सबक समझकर, फिर से नया सफर चुन लूँगा। एक कोशिश और कर लेता हूँ, हर दर्द को सह लेता हूँ। मंज़िल चाहे दूर ही सही, रास्ता खुद ही तय कर लेता हूँ।
सामान्य ज्ञान विज्ञान सामान्य ज्ञान (GK) वस्तुनिष्ठ प्रश्न – ध्वनि (Voice) ध्वनि की गति सबसे अधिक किस माध्यम में होती है? (A) ठोस (B) द्रव (C) गैस (D) निर्वात उत्तर: (A) ठोस ध्वनि तरंगें किस प्रकार की तरंगें होती हैं? (A) अनुप्रस्थ (B) अनुदैर्ध्य (C) यांत्रिक (D) विद्युतचुंबकीय उत्तर: (B) अनुदैर्ध्य सामान्य मानव कान कितनी आवृत्ति (Frequency) की ध्वनि सुन सकता है? (A) 10 Hz - 50,000 Hz (B) 20 Hz - 20,000 Hz (C) 50 Hz - 1,00,000 Hz (D) 100 Hz - 10,000 Hz उत्तर: (B) 20 Hz - 20,000 Hz ध्वनि की तीव्रता की इकाई क्या होती है? (A) वाट (B) डेसिबल (C) हर्ट्ज़ (D) न्यूटन उत्तर: (B) डेसिबल ध्वनि निर्वात में क्यों नहीं फैल सकती? (A) निर्वात में कोई माध्यम नहीं होता (B) निर्वात में कम दबाव होता है (C) निर्वात में गुरुत्वाकर्षण नहीं होता (D) निर्वात में चुंबकीय क्षेत्र नहीं होता उत्तर: (A) निर्वात में कोई माध्यम नहीं होता किस उपकरण का उपयोग ध्वनि की तीव्रता मापने के लिए किया जाता है? ...
स्वामी विवेकानंद भारतीय संत, योगी, और धार्मिक विचारक थे जो 19वीं सदी में जन्मे थे। उनका जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था और उनका नाम नरेंद्रनाथ था। स्वामी विवेकानंद का महत्वपूर्ण योगदान उनके विचारों और प्रेरणास्पद भाषणों के माध्यम से भारतीय समाज को जागरूक करने में था। उनकी शिक्षाएँ और मोटिवेशनल विचार आज भी हमारे जीवन में प्रासंगिक हैं। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को उनके अद्भुत प्राकृतिक शक्तियों के बारे में शिक्षा दी और उन्हें स्वयं में विश्वास करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ध्यान और मेधा की महत्वपूर्ण भूमिका बताई और योग के माध्यम से आत्मा के साथ संबंध बनाने की प्रेरणा दी। स्वामी विवेकानंद ने भारत की सांस्कृतिक धरोहर को पूरी दुनिया में प्रस्तुत किया और भारतीय धर्म और तत्त्वों के महत्व को प्रमोट किया। उन्होंने अपने भाषणों में धर्म, समाज, और व्यक्तिगत विकास के मुद्दे पर चर्चा की और लोगों को सही मार्ग पर चलने के लिए प्रोत्साहित किया। स्वामी विवेकानंद के विचारों का महत्व आज भी है, क्योंकि वे हमें अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कैसे मेहनत करना चाहिए, सामाजिक समस्याओं का समाधान कै...
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